हम कैसे लिखते हैं
- दो स्रोत का नियम — हर तथ्य, संख्या, कीमत और तारीख़ कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से जांची जाती है। टूल की सुविधाओं के लिए पहला स्रोत हमेशा आधिकारिक वेबसाइट होती है।
- कुछ भी गढ़ा नहीं जाता — कोई संख्या, ऑफ़र या बयान अगर जांचा नहीं जा सका, तो वह लेख में नहीं जाता।
- शीर्षक ईमानदार होते हैं — शीर्षक में किया वादा लेख के पहले दो-तीन पैराग्राफ़ में पूरा किया जाता है। क्लिक के लिए बढ़ा-चढ़ाकर लिखना हमारी नीति के ख़िलाफ़ है।
- आसान भाषा — हम वैसी हिंदी लिखते हैं जैसी आम छात्र बोलता और समझता है। कठिन शब्द ज़रूरत पड़ने पर ही आते हैं, और साथ में समझाए जाते हैं।
AI की भूमिका
हमारी टीम शोध और मसौदा तैयार करने में तकनीक की मदद ले सकती है, लेकिन हर लेख प्रकाशित होने से पहले इंसानी जांच से गुज़रता है — तथ्य, भाषा और शीर्षक की ईमानदारी की जांच हमारी संपादकीय टीम की ज़िम्मेदारी है।
छात्रों के लिए हमारी लाइन
हम पढ़ाई में AI के ईमानदार इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं: समझना, अभ्यास करना, नोट्स बनाना। हम किसी भी लेख में परीक्षा में नकल या असाइनमेंट हूबहू AI से लिखवाने को सही नहीं ठहराते, और जहां ज़रूरी हो, यह साफ़ लिखते हैं।
सुधार
गलती पकड़ में आने पर हम लेख चुपचाप नहीं बदलते-बदलते मिटाते नहीं; सुधार करके लेख को ताज़ा तारीख़ के साथ फिर से प्रकाशित करते हैं। गलती की सूचना संपर्क पेज से दी जा सकती है।