Google ने Chrome 156 जारी कर दिया है, और इस बार पढ़ने वालों के लिए दो काम के फीचर्स हैं। अब Gemini ब्राउज़र के अंदर ही खुले पेज, PDF या वीडियो से सीधे क्विज़ बना देता है, और लंबी रिकॉर्डिंग या ट्यूटोरियल को सारांश में बदल देता है। नीचे बताया है कि ये फीचर्स कहां मिलेंगे, क्या शर्तें हैं और शुरुआत कैसे करनी है।

एग्ज़ाम के हफ़्ते एक ही काम सबसे ज़्यादा समय खाता है — नोट्स दोहराना और ख़ुद को परखना। Google ने इसी परेशानी पर निशाना साधा है। उसका नया Chrome 156 अपडेट ब्राउज़र के अंदर Gemini को सीधा पढ़ाई का साथी बना देता है। फ़ीचर इस हफ़्ते स्टेबल चैनल पर पहुंचा है, इसलिए जिन्हें अपडेट मिल गया है वे इसे आज़मा सकते हैं।

असलियत यह है कि ये सारे फ़ीचर एक साथ सबके पास नहीं आएंगे। Google कई को धीरे-धीरे, अकाउंट और इलाक़े के हिसाब से चालू कर रहा है। इसलिए सबसे पहले अपना Chrome अपडेट करें, फिर नीचे दिए तरीक़े से जांचें कि फ़ीचर आपके खाते में आया या नहीं।

क्या-क्या नया आया: एक नज़र में

इस बार के अपडेट में छात्रों के लिहाज़ से तीन चीज़ें अहम हैं।

पहली, इंटरैक्टिव क्विज़। Gemini in Chrome अब खुले हुए टैब के कंटेंट से सीधे क्विज़ बना देता है। स्रोत कुछ भी हो सकता है — Google Docs में लिखे नोट्स, कोई रिसर्च पेपर, स्लाइड डेक या यूट्यूब वीडियो। Chrome उस मैटेरियल को पढ़कर मुख्य कॉन्सेप्ट निकालता है और उन पर प्रैक्टिस सवाल तैयार करता है। रिपोर्टों के मुताबिक यह फ़ीचर डेस्कटॉप पर अंग्रेज़ी में अमेरिका और भारत में रोल आउट हो रहा है। मोबाइल और बाक़ी इलाक़ों का नंबर आने वाले महीनों में आएगा।

दूसरी, मीडिया अंडरस्टैंडिंग। अब Gemini को सिर्फ़ यूट्यूब तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। किसी टैब में चल चुकी ऑडियो या वीडियो — पॉडकास्ट, किसी और वेबसाइट का वीडियो, लेक्चर की रिकॉर्डिंग — के बारे में आप सीधे सवाल पूछ सकते हैं। लंबी रिकॉर्डिंग दोबारा पूरी नहीं देखनी पड़ेगी; Gemini उसका सारांश दे देगा या किसी एक हिस्से की जानकारी निकाल देगा। यह फ़ीचर Chromebook Plus के साथ-साथ Windows और Mac पर भी उपलब्ध है।

तीसरी, Talk to Type। यह Gemini वाली वॉइस टाइपिंग है — वेब के किसी भी टेक्स्ट फ़ील्ड में बोलकर लिखें, और Gemini आपकी बात को साफ़-सुथरा करके लिखता है। भरे हुए शब्द हटाता है और बीच में बोले गए सुधार भी संभाल लेता है। इसके साथ ही Gemini in Chrome में अब सीधे फ़ाइल अपलोड और फ़ाइल बनाने की सुविधा भी जुड़ गई है।

अपडेट कैसे लें और फ़ीचर कहां जांचें

Chromebook वालों को Settings खोलकर About ChromeOS में जाना है — वहीं से ChromeOS 156 डाउनलोड और इंस्टॉल होगा। रीस्टार्ट के बाद अपडेट लागू होगा। Chromebook पर प्लेटफॉर्म वर्ज़न 16836.19.0 और ब्राउज़र 156.0.8078.42 दिखेगा।

Windows या Mac पर Chrome खोलें, ऊपर दाईं ओर तीन बिंदु (⋮) → Help → About Google Chrome पर क्लिक करें। ब्राउज़र ख़ुद अपडेट जांचकर डाउनलोड कर लेगा, और रीस्टार्ट के बाद 156.0.8078.47 या .48 वाला वर्ज़न मिलना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अपडेट अहम है — इसमें 353 सुरक्षा ख़ामियां दूर की गई हैं, जिनमें छह क्रिटिकल थीं।

हेडफोन लगाकर लैपटॉप पर ऑनलाइन पढ़ता छात्र (प्रतीकात्मक तस्वीर)

फ़ीचर मिले या नहीं, यह यहां जांचें: एड्रेस बार में chrome://settings/ai/gemini लिखकर खोलें। वहां Gemini से जुड़ी सेटिंग दिखेंगी, और पता चल जाएगा कि आपके खाते में कौन-से फ़ीचर सक्रिय हैं। याद रहे — अपडेट होना ज़रूरी है, लेकिन रोलआउट चरणबद्ध है, इसलिए फ़ीचर तुरंत न दिखे तो कुछ दिन इंतज़ार करें।

क्विज़ फ़ीचर पढ़ाई में कैसे काम आएगा

मान लीजिए इतिहास का एक अध्याय Google Docs में नोट किया है। अब उसी टैब में Gemini से कहें कि इन नोट्स से प्रैक्टिस क्विज़ बना दे। Gemini मुख्य बिंदुओं पर सवाल तैयार करेगा — यह तरीक़ा हाथ से फ़्लैशकार्ड बनाने की झंझट ख़त्म करता है और याददाश्त की असली परख होती है।

एक चेतावनी ज़रूरी है। AI से बने सवालों में ग़लती या अधूरी जानकारी हो सकती है। ग्रेड वाली तैयारी के लिए सवाल-जवाब को अपनी किताब या क्लास मैटेरियल से मिलाकर ही आगे बढ़ें। यह सुविधा प्रैक्टिस के लिए है, अंतिम उत्तर के लिए नहीं।

एक और सीमा स्कूल वाले खातों पर लागू होती है। 18 से ऊपर की उम्र वालों के वर्क या स्कूल वाले Google अकाउंट पर एडमिन को यह एक्सेस खोलना पड़ सकता है। इसलिए अगर फ़ीचर न दिखे, तो अपने स्कूल के आईटी एडमिन से भी पूछ लें।

पहले से मौजूद Gemini टूल्स के साथ कैसे जोड़ें

Chrome के ये नए फ़ीचर तब और कारगर होते हैं जब आपके पास पढ़ाई का बाक़ी सेटअप भी हो। जैसे NotebookLM में PDF नोट्स डालकर सारांश और ऑडियो बनाना अलग काम है, और Chrome में उन्हीं नोट्स से क्विज़ बनाना अलग — दोनों मिलकर एक ही चैप्टर की तीन तरह की तैयारी करा देते हैं। इसी तरह 7 दिन का स्मार्ट रिवीज़न प्लान तय करता है कि क्विज़ प्रैक्टिस हफ़्ते के किस दिन होगी, और मुफ़्त AI टूल्स वाली गाइड से आप चुन सकते हैं कि क्विज़ के बाद समझने के लिए कौन-सा टूल इस्तेमाल करना है।

ग़ौरतलब है कि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि Gemini in Chrome हिंदी समेत कई भाषाओं को सपोर्ट करता है, हालांकि क्विज़ फ़ीचर फ़िलहाल अंग्रेज़ी में रोल आउट हो रहा है। हिंदी नोट्स से क्विज़ का इंतज़ार करने वालों को थोड़ा धैर्य रखना होगा।

अधिक तकनीकी विवरण के लिए अपडेट की जानकारी Chrome Unboxed की ChromeOS 156 रिपोर्ट और gHacks की रिलीज़ रिपोर्ट में देखी जा सकती है।

लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लास देखते छात्र की ऊपर से तस्वीर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

FAQ

क्या क्विज़ फ़ीचर भारत में काम करेगा? रिपोर्टों के अनुसार इंटरैक्टिव क्विज़ डेस्कटॉप Chrome पर अंग्रेज़ी में अमेरिका और भारत में रोल आउट हो रहा है। मोबाइल और बाक़ी इलाक़ों के लिए Google ने “आने वाले महीनों” की बात कही है, कोई पक्की तारीख़ नहीं दी है।

क्या इसके लिए Chromebook होना ज़रूरी है? नहीं। क्विज़ फ़ीचर डेस्कटॉप Chrome (Windows/Mac) पर आ रहा है। मीडिया अंडरस्टैंडिंग Chromebook Plus के साथ-साथ Windows और Mac पर भी मिलती है।

मेरा Chrome 156 पर है, पर क्विज़ का विकल्प नहीं दिख रहा — क्या करूं? Google इन फ़ीचर्स को चरणबद्ध तरीके से चालू कर रहा है। पहले About Chrome से अपडेट पक्का करें, फिर chrome://settings/ai/gemini पर जाकर देखें। स्कूल/कॉलेज के अकाउंट पर एडमिन की अनुमति भी चाहिए हो सकती है।

क्या Gemini के बनाए क्विज़ पर पूरी तरह भरोसा किया जा सकता है? नहीं। प्रैक्टिस के लिए बढ़िया है, लेकिन AI के जवाबों में ग़लती हो सकती है। महत्वपूर्ण सवालों को हमेशा अपनी किताब या क्लास नोट्स से मिलाएं।