CUET UG 2027 का नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है, पर तैयारी के लिए इंतज़ार करना सही नहीं है। 2026 के पैटर्न के हिसाब से हर पेपर में 50 सवाल, 60 मिनट और +5/−1 की मार्किंग थी, और छात्र ज़्यादा से ज़्यादा 5 विषय चुन सकते थे। नीचे उसी पैटर्न पर बना 90 दिन का प्लान है, जिसमें रोज़ सिर्फ़ 2 घंटे पढ़ाई और AI का सही इस्तेमाल शामिल है।
बारहवीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाख़िला लेने वाले छात्रों के लिए CUET अब सबसे बड़ा दरवाज़ा है। 2027 के लिए NTA ने अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, इसलिए तारीख़ों पर अटकलें लगाने का कोई मतलब नहीं। जो पक्का है, वह पैटर्न है। 2026 में NTA ने विषयों की संख्या घटाकर 37 कर दी थी: 13 भाषाएं, 23 डोमेन विषय और 1 जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट। हर छात्र ज़्यादा से ज़्यादा 5 पेपर चुन सकता था। यह प्लान उसी पैटर्न पर बना है, नोटिफिकेशन आते ही तारीख़ें बदल लें।
पहले यह समझें कि परीक्षा कैसी होती है
CUET कंप्यूटर पर होने वाली परीक्षा है। हर पेपर में 50 सवाल होते हैं, सभी के जवाब देने ज़रूरी हैं, और हर पेपर के लिए 60 मिनट मिलते हैं। सही जवाब पर 5 अंक, गलत पर 1 अंक कटता है। डोमेन विषयों का सिलेबस बारहवीं की NCERT किताबों पर आधारित है, इसलिए NCERT से बाहर भागने की ज़रूरत नहीं है, पर सिर्फ़ पढ़ लेना भी काफ़ी नहीं है — कॉन्सेप्ट साफ़ होना चाहिए।
विषय चुनते समय अपने टारगेट कोर्स की मांग देख लें। जिस विश्वविद्यालय और कोर्स में दाख़िला चाहिए, उसकी वेबसाइट पर लिखा होता है कि कौन-से विषय ज़रूरी हैं। बिना यह देखे विषय चुनना बाद में पछतावा बन जाता है। आधिकारिक जानकारी के लिए NTA की CUET वेबसाइट ही देखें, किसी कोचिंग के विज्ञापन पर भरोसा न करें।
90 दिन का प्लान: तीन हिस्से, रोज़ 2 घंटे
पहले 30 दिन NCERT के हैं। हर डोमेन विषय की NCERT किताब का एक अध्याय पढ़ें और उसके मुख्य बिंदु अपने शब्दों में लिखें। भाषा के लिए रोज़ 20 मिनट पढ़ने की प्रैक्टिस और जनरल टेस्ट के लिए रोज़ 10 सवाल हल करें। इस दौर में मॉक टेस्ट की जल्दबाज़ी न करें।
अगले 30 दिन प्रैक्टिस के हैं। हर हफ़्ते हर विषय का एक मॉक टेस्ट दें और उसका विश्लेषण करें। जिस टॉपिक में बार-बार गलती हो रही है, उसे NCERT से दोबारा पढ़ें। AI यहां काम आता है: अपने नोट्स NotebookLM में डालकर उस अध्याय से सवाल बनवाएं, और जो सवाल समझ न आए उसे ChatGPT के Study Mode में पूछें। Study Mode सीधा उत्तर नहीं देता, वह संकेत देकर समझाता है।

आख़िरी 30 दिन सिर्फ़ रिवीज़न और पूरे पेपर की प्रैक्टिस के लिए हैं। रोज़ एक पूरा पेपर 60 मिनट की घड़ी लगाकर हल करें, जैसे असली परीक्षा हो। नए टॉपिक इस दौर में शुरू न करें, पहले 60 दिनों के नोट्स ही अब सबसे बड़ी ताक़त हैं। 100 दिन के रिवीज़न प्लान में बताया गया तरीका यहां भी काम आएगा, क्योंकि बोर्ड और CUET दोनों में NCERT ही नींव है।
मॉक टेस्ट का विश्लेषण ही असली तैयारी है
मॉक टेस्ट देना आसान है, उसका विश्लेषण करना मुश्किल। हर मॉक के बाद तीन बातें लिखें: कौन-से सवाल गलत हुए, कौन-से सवालों में ज़्यादा समय लगा, और कौन-से सवाल अंदाज़े से हल किए गए। अंदाज़े वाले सवाल सबसे ख़तरनाक हैं, क्योंकि −1 की नेगेटिव मार्किंग में चार गलत अंदाज़े एक सही जवाब के अंक खा जाते हैं। इसलिए मॉक में यह नियम रखें: जिस सवाल के बारे में आधे से कम यकीन हो, उसे छोड़ दें।
अपने नोट्स से सेल्फ-टेस्ट बनाकर भी यही आदत बनती है। जब आप अपने नोट्स से सवाल बनाते हैं, तो पता चलता है कि कौन-सा हिस्सा अब तक कच्चा है। मॉक टेस्ट के विश्लेषण से गलती सुधारने का तरीका CUET के हर पेपर पर लागू होता है, चाहे वह भाषा हो या डोमेन विषय।
AI का सही इस्तेमाल, और एक साफ़ सीमा
AI से नोट्स का सारांश बनवाना, मुश्किल टॉपिक आसान भाषा में समझना और अपने नोट्स से प्रैक्टिस सवाल बनवाना — यह सब सही इस्तेमाल है। पर परीक्षा हॉल में AI नहीं होगा, इसलिए याददाश्त अपनी मेहनत से ही बनानी होगी। AI से बना उत्तर कॉपी करके असाइनमेंट में डालना या परीक्षा में नकल करना गलत है, और पकड़े जाने पर साल भर की मेहनत बर्बाद हो सकती है। AI को टीचर की तरह इस्तेमाल करें, जवाब लिखने वाली मशीन की तरह नहीं।

हर हफ़्ते अपने मॉक टेस्ट के अंक एक कॉपी में लिखें। अंक बढ़ रहे हैं या घट रहे हैं, यह देखना ही बताता है कि प्लान काम कर रहा है या नहीं। अगर दो हफ़्ते से अंक एक जगह अटके हैं, तो तरीका बदलें, घंटे नहीं बढ़ाएं। थके हुए दिमाग़ से 6 घंटे पढ़ने से बेहतर है, तरोताज़ा दिमाग़ से 2 घंटे पढ़ना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
CUET 2027 की तारीख़ क्या है? अभी NTA ने 2027 का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, इसलिए कोई तारीख़ पक्की नहीं है। आधिकारिक घोषणा cuet.nta.nic.in पर ही देखें।
CUET में कितने विषय चुने जा सकते हैं? 2026 के पैटर्न के हिसाब से ज़्यादा से ज़्यादा 5 पेपर, जिनमें भाषा, डोमेन विषय और जनरल टेस्ट शामिल होते हैं। 2027 का बुलेटिन आने पर इसे दोबारा जांच लें।
NCERT से बाहर क्या पढ़ना ज़रूरी है? डोमेन विषयों के लिए NCERT ही मुख्य सिलेबस है। भाषा के पेपर के लिए रोज़ पढ़ने की आदत और जनरल टेस्ट के लिए रीज़निंग की प्रैक्टिस अलग से करनी होती है।
AI से तैयारी में कितनी मदद मिलती है? AI समझने, सेल्फ-टेस्ट बनाने और गलतियां पकड़ने में मदद करता है। पर अंतिम परीक्षा में सवाल खुद हल करने हैं, इसलिए AI के जवाब रटने के बजाय कॉन्सेप्ट समझें।
